बलौदा ,7 जून
– बलौदा सराफा कल्याण एसोशियेसन के द्वारा नगर के नवल भवन में आयोजित श्रीमद भागवतकथा में भगवताचार्य पं मनोज तिवारी महराज जी ने पावन पुरुषोत्तम मास में श्रीमद भागवत कथा का महत्व बताते हुए प्रभु राम व कृष्ण जन्म की कथा सुनाई।

ब्यासपीठ से आचार्य ने कहा कि कलयुग में भागवत की कथा सुनने से जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही जन्म जन्मांतर के पापों का अंत भी होता है। वामन अवतार, राम जन्म के प्रसंग के दौरान श्रीराम विवाह प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मां सीता के विवाह के लिए हो रहे धनुष यज्ञ प्रकरण के दौरान जब कोई भी राजा धनुष नहीं तोड़ पाए तो जनक जी परेशान हो गए। इसके बाद गुरू विश्वामित्र जी बोले हे राम उठो और धनुष को तोड़कर जनक के दुख को दूर करो। गुरू की आज्ञा पाकर भगवान राम उठे और धनुष को तोड़ दिया।

कथा में भक्तों को श्री कृष्ण जन्म की कथा सुनाई। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव मे बाल रूप श्रीकृष्ण और वासुदेव की जीवंत झांकी के साथ कथा भक्तों को श्रवण कराते हुए कहा कि “सजा दो यह घर गुलशन सा हमारे सरकार आये है।” के सुमधुर संगीतमत गीतों से श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो अपने आप जेल के ताले खुल गए और वासुदेव की बेड़ियां खुल गईं। वासुदेव भगवान ने श्रीकृष्ण इस संसार के पालनहार हैं। एक टोकरी में लेकर यमुना नदी को पार कर यशोदा मां और नंदलाल के पास छोड़ जाते हैं।

भगवान श्रीकृष्ण ने दुष्टों का नाश करने के लिए ही धरती पर जन्म लिया था। इस धरती को अधर्म से मुक्ति दिलाई। भागवत कथा मे भक्त आनंदित भाव विहल कथा श्रवण करने बड़ी संख्या सराफा परिवार स्वर्णकार समाज के स्वजन और नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
