बलौदा ,रायपुर, 18 जून। मौसम विभाग ने दोपहर ढाई बजे एक अलर्ट जारी किया है। इसके मुताबिक आज देर शाम तक राजधानी रायपुर समेत 9 जिले को छोडक़र शेष प्रदेश के 24 जिलों में गरज चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान 30-60 किमी की रफ्तार से आंधी भी चलेगी।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना जताई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। जिससे जल्द ही मानसून की गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण भीषण गर्मी से राहत मिलने लगी है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश भाग में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया।
बीते 24 घंटे में प्रदेश के बस्तर में नारायणपुर, बीजापुर के साथ महासमुंद, सारंगढ़ बिलाईगढ़, सक्ती जांजगीर चांपा, बिलासपुर, मुंगेली, जीपीएम, एमसीबी सूरजपुर, बलरामपुर में मौसम शुष्क रहा। वहीं शेष जिलों में 0.22 मिमी 34 मिमी तक बारिश दर्ज की गई। रायपुर में 6.1 मिमी बारिश हुई।
बिलासपुर, मुंगेली , जी पी एम, एम सी बी सूरजपुर, बलरामपुर में मौसम शुष्क रहा। वहीं शेष जिलों में 0.22 मिलीमीटर से 34 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। रायपुर में 6.1 मिलीमीटर बारिश हुई।
बंगाल की खाड़ी का पहला निम्न दबाव 27 जून को मॉनसून को मिलेगी नई रफ्तार
बंगाल की खाड़ी से मॉनसून को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है! भारत में मॉनसून की धीमी रफ़्तार के बाद, अब मौसम के मॉडल संकेत दे रहे हैं कि 26-27 जून के आसपास 2026 के मॉनसून सीजन का पहला लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) बन सकता है। यह सिस्टम बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में पश्चिम बंगाल-ओडिशा-बांग्लादेश तट के पास बन सकता है और मॉनसून के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है। अगर यह सिस्टम अनुमान के मुताबिक बनता है, तो यह ओडिशा, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होते हुए आगे बढ़ सकता है, जिससे मध्य और उत्तर भारत में मॉनसून की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
खास बातें- ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और पूर्वोत्तर भारत में बारिश बढ़ सकती है, मॉनसून का असर धीरे-धीरे मध्य प्रदेश, गुजरात, सौराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक फैल सकता है, पश्चिमी तट (कोंकण, गोवा, कर्नाटक, केरल और महाराष्ट्र) पर 22-23 जून से गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जून के शुरुआती हिस्से में धीमी रफ़्तार के बाद भारतीय मॉनसून के लिए एक अहम मोड़ हो सकता है, क्या यही वह सिस्टम होगा जो आखिरकार पूरे भारत में मॉनसून की रफ़्तार बढ़ाएगा? साभार स्काई मेट।
