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बलौदा क्षेत्र के लिए अभिशाप कोल वाशरी की क्षमता विस्तार के लिए एक और जनसुनवाई ।

बलौदा ,1 जून
हमारा बलौदा नगर पंचायत का क्षेत्र आज से करीब 15 वर्ष पहले एकदम शांत और सुरक्षित पर्यावरण के साथ सांस ले रहा था।

कोयले का व्यापारी –
एक कोयला व्यापारी की मीठी बातों मे हमारा बलौदा फंस गया,आज वह व्यापारी क्षेत्र के हजारों जीवन ,जिसमें इंसान,जानवर,पशु पक्षी,नदी तालाब,पेड़ पौधे,खेत खलिहान,स्थानीय व्यापार ,आवागमन की सड़कें और मानव जीवन इसकी भेंट में बुरी तरह संकट में आ खड़ा हुआ है। और
हमारी भोली जनता इस विकृति को समझ नही पाई और कोयला दलालों और व्यापारियों के सिर्फ अपने कोयला परिवहन व्यापार व्यवसाय को भली भाति संचालन कर रही है।
बाकी यहां के उक्त सभी इंसान,जानवर,पशु पक्षी,नदी तालाब,पेड़ पौधे,खेत खलिहान,स्थानीय व्यापार आवागमन की सड़कें और मानव जीवन की मौत पर सिर्फ 25000 हजार की कीमत पर जिंदगी जी रहा है।
बलौदा नगर से लगी हुई है कोल वाशरी –

नगर के बस्ती से लगा हुआ बड़े भारी कोयला सयंत्र स्थापित किये गये है जहां लोगों के घर से मात्र 500 मीटर दूर है ,जिसे हमारे पर्यावरण अधिकारी,जिला प्रसाशन,स्थानीय प्रसाशन ,और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की समझ और अनुकूलता की परिणाम से यह कोयला का व्यापार फल फुल रहा है।

सबसे पहले एक छोटा कोल वाशरी का स्थापित किया गया ,उसके बाद विस्तार का सिलसिला चालु हो गया है।जो अब क्षेत्र के पुरी आबादी से बड़ी हो गई है।

क्या है विस्तार की जनसुनवाई-
हिंद एनर्जी कोल वाशरी का पहले उत्पादन .86 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष था, जिसे दूसरे जनसुनवाई में .96 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष किया गया ,उसके बाद उसी परिसर स्थान में कोयला व्यापारी के जो पार्टनर हुआ करते थे ,उन्होंने एक हिंद मल्टी सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड बिरगहनी में वही .96 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष की स्वीकृति ले कर उत्पादन चालु किया ।
आज फिर उसी स्थान उसी क्षेत्रफल एरिया में .96 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष को बढ़ा कर 2.40 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष करने और साथ ही साथ उसी परिसर के अंदर ही 25 मेगावाट का एक पावर प्लांट भी खोले जाने के लिए एक औपचारिक जनसुनवाई होने जा रही है ।

आइये जाने इन सयंत्रो के माया जाल को
1.हिन्द् एनर्जी कोल बेनिफिकेशन ,
2.क्लीन कोल बेनिफिकेशन ,
3. रेडियेंट कोल बेनिफिकेशन ,.90MTPA से 2.50 MTPA
4.रेडियेंट कोल बेनिफिकेशन, .96 MTPA से 3.60 MTPA ,
महावीर कोल बेनिफिकेशन, .96MTPA से 2.40MTPA ,
इंस्पायर एनर्जी कोल बेनिफिकेशन.
हिंद मल्टी सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड
काम एक नाम अनेक की तर्ज पर हो रहा कारोबार ।
पहले एक यूनिट का उत्पादन और अब उसी में तीन गुना उत्पादन हो रहा है।

लोगों को जानकारी नही लोक जनसुनवाई और परियोजना सार की-
ग्राम बिरगहनी सयंत्र से 200 मीटर दूर वन विभाग की भूमि पर लोक जनसुनवाई 3 जून को प्रस्तावित है जिसके लिए क्षेत्रीय पर्यावरण विभाग बिलासपुर के द्वारा सचिव,महाप्रबंधक जिला व्यापार और उद्योग केंद्र जिला कलेक्टर, खनिज अधिकारी, एस डी एम, तहसीलदार,मुख्यकार्य पालन अधिकारी जिला पंचायत,जनपद पंचायत,मुख्य नगरपंचायत अधिकारी बलौदा ,और सरपंच /सचिव ग्राम पंचायत बिरगहनी (ब) को लोक जन सुनवाई में परियोजना से संबंधित जानकारी हेतु ड्राफ्ट ई .आई.ए. रिपोर्ट,कार्यपालकसार, और सी डी (साफ्ट कॉपी) आम जन मानस को अवलोकनार्थ सभी कार्यालयों के सूचना पटल मे रखे जाने के लिए एक माह पूर्व 30 अप्रैल को प्रेषित किया गया है
लेकिन बिडंबना है कि आज तक किसी भी कार्यालय के सूचना पटल के अलावा संबंधितों के पास इसकी कोई जानकारी नहीं है।
पूछने पर कोई जानकारी नही है।
ग्रामीणों ने विरोध जताया-
आज ग्राम पंचायत बिरगहनी के कुछ ग्रामीणों को लोक जनसुनवाई के विषय मे पता चला तो वे बड़ी संख्या मे सयंत्र के सामने जनसुनवाई का विरोध करने जुटे थे ,जहाँ ग्रामीणों ने सयंत्र प्रबंधन को अपना ज्ञापन दिया।
ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण, पेयजल सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, सड़क सुरक्षा, कृषि संरक्षण एवं स्थानीय रोजगार सहित विभिन्न मांगें रखीं। ग्रामीणों का कहना है कि जनसुनवाई से पूर्व परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए तथा ग्रामवासियों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई और जनसुनवाई में उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया तो 3 जून को आयोजित जनसुनवाई में भी व्यापक विरोध दर्ज कराया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा लोकतांत्रिक तरीके से धरना, प्रदर्शन एवं अन्य वैधानिक आंदोलन किए जाएंगे।
प्रशासन जनसुनवाई की सुरक्षा मे लगी –
यह सिर्फ एक ग्राम पंचायत के लोग जहाँ वह सयंत्र स्थापित है वहाँ के ग्रामीणों के किया लेकिन इससे प्रभावित तो हमारा पुरा बलौदा क्षेत्र है और यहां के आम जन मानस को इसकी जानकारी तक नही ।जानकारी है तो सिर्फ वहाँ लोक जनसुनवाई मे कोयला व्यापारी की सुरक्षा प्रदान करने वाले प्रशासनिक अधिकारी ,सुरक्षा अधिकारी,और करीबी जनप्रतिनिधियों को जिन्हें इस क्षेत्र की दशा से कोई मतलब ही नहीं ।

अधिकारीयों का तो साल दो साल मे तबाद्ला हो जाता है उन्हें आम जनता की परेशानियों से क्या वास्ता उन्हें यहां अपना जीवन यापन करना नही है,दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों को अपने वोट बैंक से फुरसत नही है।
आम जनता विरोध कर नही सकती यदि करती है तो प्रशासन उसके सामने खड़ी होती है।
विडंबना है इस क्षेत्र का यहां लोग कब चैन की सांस ले पाएंगे।

 

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