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छत्तीसगढ़जांजगीर चांपात्योहार और विशेष दिनधार्मिक त्योहार

बलौदा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ईद -मिलादुन्नबी ।

बलौदा, 26 अगस्त 2026
मोहम्मद -ए -जुलुस में हजरत पैग़म्बर के शान मे लगे नारे।

पैगम्बर मोहम्मद साहब का सन 1448 से 2026 तक 1501वीं यौमे विलादत को  बलौदा में  पूरे शानों शौकत के साथ मनाया गया। मस्जिद मोहल्ला से नात ए रसूल पढ़ते हुए भव्य जुलूस निकाला गया।

नगर के मस्जिद में परचम कुशाई की रश्म अदा की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मकामी इमाम हज़रत मौलाना अबरार रज़ा साहब की अगुवाई में फ़ातिहा खानी, सलातो-सलाम एवं सामूहिक दुआ के साथ हुआ। तत्पश्चात परचम कुशाई की रस्म अदा की गई तथा देश ,प्रदेश, नगर में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, खुशहाली एवं समस्त मानव समाज के कल्याण के लिए विशेष दुआ की गई।

 

बुधवार सुबह जुलूस-ए-मोहम्मदी मुस्लिम मोहल्ला से प्रारंभ होकर बुधवारी बाजार, मुख्य बाजार, गांधी चौक, हरदी बाजार चौक होते हुए मीरा दातार तक पहुँचा। जुलूस में मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा के तराने के साथ ही मरहबा या मुस्तफा आका की आमद मरहबा जैसे नात की सदाएं बुलंद की गई।

रंग बिरंगे पोशाक में सजे छोटे बच्चों ने हाथ में परचम ए इस्लाम लेकर पूरे अनुशासन एवं अकीदत के साथ सहभागिता निभाई।
नगर के मस्जिद में बेहतरीन सजावट की गई है

“खुदा से प्यारा कोई नाम नहीं उसकी इबादत से बड़ा कोई काम नहीं होता। दुनियां की मोहब्बत में है रूसवाइयां बहुत। मगर उसकी मोहब्बत में कोई बदनाम नहीं होता”

जुलूस मार्ग में नगर के विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों एवं नागरिकों द्वारा शरबत, तबर्रुक एवं स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। जुलूस का स्वागत किया गया।
इस मौके पर नगर के प्रबुद्धजनों एवं गणमान्य नागरिकों ने मुसलमान भाईयों को जश्रे ईद मिलादुन्नबी की बधाई दी।

रात्रि में आयोजित तकरीर-ए-दीन में उलमा-ए-किराम ने इस्लाम के पैगम्बर हज़रत मोहम्मद साहब सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के अपने संदेश में बताया कि पैग़म्बर मोहम्मद साहब ने इल्म की तलाश को नेकी का रास्ता बताया है। उनकी उम्मत के लिए तालीम सिफर ज़रूरत नहीं, जिम्मेदारी भी है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि आइए ऐसा समाज बनाए जहाँ हर बच्चे के हाथ में किताब हो, हर जेहन में इल्म की रोशनी और हर दिल में इंसानियत हो। क्योंकि इल्म इंसान को सिफर कामयाब नहीं बनाता, बल्कि सही इल्म उसे बेहतर इंसान भी बनाता है।
कार्यक्रम के समापन पर सलातो-सलाम, फ़ातिहा खानी एवं सामूहिक दुआ का आयोजन किया गया, जिसमें देश एवं प्रदेश की उन्नति, अमन-शांति तथा समस्त मानव समाज के कल्याण की दुआ की गई।

जिसमें मुस्लिम जमात के सदर,कमेटी एवं समस्त मुस्लिम जमात उपस्थित रहे

 

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