बलौदा,14 सितंबर 2026
तीज और गणेश चतुर्थी का यह पर्व बड़े संजोग से बने है आज महिलाओं ने तीज और गणेश पूजा का व्रत रखा।
सोमवार को तीज पर्व पारंपरिक श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। तीज को लेकर महिलाओं में सुबह से ही उत्साह देखने को मिला। शुभ मुहूर्त के अनुसार सुबह करीब 5 बजे से घरों में फुलैरा सजाकर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना शुरू की। दिनभर घरों और मोहल्लों में भजन-कीर्तन एवं आरती का दौर चलता रहा।
तीज पर्व को लेकर महिलाओं ने पहले से ही तैयारियां कर रखी थीं। सुबह स्नान आदि के बाद महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर पूजा में शामिल हुईं। अलग अलग घरों ,श्याम बाजार राधा कृष्ण मंदिर, बुधवारी चौक गणेश पंडाल में फूल-पत्तियों और अन्य पूजन सामग्री से आकर्षक फुलैरा सजाया गया। इसके बाद महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने पति और परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की।

पूजा-अर्चना वैदिक ब्राम्हणों ने सम्पन्न कराई के बाद भी दिनभर धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहा। महिलाओं के समूह ने अलग-अलग समय पर सामूहिक आरती की। इस दौरान पारंपरिक तीज गीतों के साथ भजन-कीर्तन भी हुए। कई स्थानों पर आसपास की महिलाएं एकत्रित होकर फुलेरा देखने निकली और पूजा में शामिल हुईं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। महिलाओं ने व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की।
मान्यता है कि तीज का व्रत वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना से किया जाता है ,अविवाहित युवतियां भी मनचाहे वर की कामना को लेकर यह व्रत करती है, पूजा और व्रत का कर्म देर रात तक जारी रहेगा, सुबह सुबह पूजन अर्चना और विसर्जन के बाद महिलाएं पारण कर अपना व्रत पूर्ण करेंगी।
