जगह-जगह प्रसाद भंडारा, भक्तिमय माहौल में श्री राम जन्मोत्सव मनाया गया।

बलौदा 27 मार्च। नवरात्र पर्व के अष्टमी
अवसर पर गुरुवार को हवन के पश्चात शुक्रवार को सुबह से जसगीतों के साथ जोत जंवारा विसर्जन का क्रम शुरू हो गया। इससे नगर के जलाशयों व तालाबों के मार्ग में जोत विसर्जन का क्रम जसगीत की धुन में दोपहर से ही बने रहने से भक्तिमय माहौल बना हुआ है। इसके साथ ही नवरात्र पर्व पर उपवास रखने वाले भक्तों ने सुबह मंदिरों में पहुंचकर मां की पूजा-अर्चना कर उपवास का समापन किया।
इससे पूर्व नवरात्र पर्व पर धार्मिक अनुष्ठानों के अलावा नगर में विविध धार्मिक आयोजन किए गए। इधर गुरुवार को अष्टमी हवन के लिए मंदिरों व जोत जंवारा वाले घरों में सुबह से ही तैयारियां पूरी की थी और दोपहर बाद से देर रात तक हवन का आयोजन किया गया। हवन में आहुति देने श्रद्धालु मंदिरों व घरों में श्रद्धा के साथ पहुंचे और आहूति डाली। ज्ञात हो कि 19 मार्च से हिंदू नववर्ष के साथ नौ दिनों की नवरात्र पर्व के प्रारंभ होते ही अंचल में मातारानी के जयकारे मंदिरों में गंजते रहें।
गुरुवार को देर रात तक मंदिरों में हवन संपन्न होने के बाद शुक्रवार सुबह से ही जोत विसर्जन का क्रम शुरू हो गया। वहीं चिलचिलाती धूप व गर्मी से बचने के लिए मंदिर समिति व श्रद्धालु भक्त सुबह से ही विसर्जन करने सरोवरों की ओर पहुंचे। यहां विधि-विधान से ज्योति कलश विसर्जित किया गया। नवरात्र पर्व के दौरान मंदिरों में जस गीत के माध्यम से मातारानी पर अपनी आस्था निभाने का क्रम भी चलता रहा तथा मां कंकालीन ,कोसगाई दाई ,शीतला माता,चामुंडा मंदिर,महामाया मंदिर, दुर्गा मंदिर बजरंग चौक, समेत अन्य मंदिरों में नवरात्र प्रारंभहोने पर जंवारा कलश ,मनोकामना ज्योति कलश जगमगाते रहे। इधर आज रामनवमी पर्व के अवसर पर नगर हनुमान कुट्टी, लक्ष्मी नारायण मंदिर,जगन्नाथ स्वामी मंदिर कसेर पारा,राधाकृष्ण मंदिर श्याम बाजार में श्री रामजन्मोत्सव भक्तिमय हर्षोल्लास मनाया गया, अधिकांश क्षेत्रों से जोत जंवारा का विसर्जन देर रात तक चलता रहा।
