नए छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन का उद्घाटन करते हुए, प्रधानमंत्री ने संदेश दिया: नया भवन लोगों के जीवन को आसान बनाए और अनावश्यक सरकारी दखल को कम करे।

खबर भारतीय न्यूज़ ,संवाददाता
रायपुर, 1 नवंबर। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के लिए रजत पदक जारी किए गए।
जयंती के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नवा रायपुर में नई विधानसभा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को संबोधित करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि नई विधानसभा केवल एक भवन ही नहीं, बल्कि जन आकांक्षाओं की पूर्ति का केंद्र भी होनी चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए, यहाँ के प्रत्येक जनप्रतिनिधि को जनता को सर्वोपरि रखने का संकल्प लेना चाहिए। मोदी ने विधानसभा के मुख्य द्वार पर फीता काटकर भवन को जनता को समर्पित किया।
अपने आधे घंटे के संबोधन में, मोदी ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा की स्वर्णिम शुरुआत है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से एक खुशी और महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि इस धरती से मेरा दशकों से गहरा नाता रहा है। एक कार्यकर्ता के रूप में, मैंने छत्तीसगढ़ में कई वर्ष बिताए। यहाँ के लोगों से बहुत कुछ सीखा और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मैंने छत्तीसगढ़ के परिवर्तन के हर पल का साक्षी रहा। आज, मुझे इसकी 25वीं वर्षगांठ में शामिल होने का भी अवसर मिला।
मोदी ने कहा कि वर्ष 2025 भारतीय गणतंत्र का वर्ष भी है। आज ही के दिन 75 वर्ष पहले, भारत ने अपना संविधान समर्पित किया था। उस ऐतिहासिक संविधान सभा में इस धरती के सपूत रविशंकर शुक्ल, ठाकुर छेदीलाल, घनश्याम गुप्त, केएम त्रिपाठी, श्रीराम पोटाई, रघुराज सिंह जैसे मनिषियों का स्मरण करते हुए कहा कि इन विभूतियों ने बाबा साहब के साथ मिलकर संविधान बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज का यह अवसर एक इमारत का लोकार्पण समारोह नहीं, बल्कि 25 वर्षों का जनआकांक्षाओं, जनसंघर्ष, जन गौरव का उत्सव बन गया है। आज छत्तीसगढ़ अपने स्वप्न के नए शिखर पर खड़ा है।
मोदी ने कहा इस क्षण में उन महापुरूष को नमन हैं जिनकी दूर दृष्टि करूणा ने राज्य की स्थापना की, और वो है भारत का पूत अटल बिहारी बाजपेयीजी। साल 2000 में उन्होंने राज्य का गठन किया था, तो वह निर्णय केवल प्रशासनिक नहीं था। वह निर्णय इस पिछड़े अंचल के विकास की नई राह खोलने का था। आज अटलजी जहां भी होंगे, देखिए-आपका सपना साकार हो रहा है। छत्तीसगढ़ आज आत्मविश्वास से भरा नई ऊंचाईयों को छू रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा छत्तीसगढ़ विधानसभा का इतिहास अपने आप में प्रेरणाश्रोत है। पहली बैठक आरकेसी के जशपुर भवन में हुआ था। वो सीमित साधनों में असिमित सपनों का समय था। अपने भाग्य को तेजी से भव्य बनाने का। आज 25 वर्ष बाद एक आधुनिक डिजिटल विधानसभा भवन का उद्घाटन कर रहे हैं, तो यह भवन केवल नही है। यह लोकतंत्र का मुख्यालय, हर स्तंभ पारर्दाशता पग प्रतीक, हर गलियारा जवाबदेही से भरा, हर कक्ष जनता की आवाज का प्रतिबिम्ब होना चाहिए।यहां का हर निर्णय दशकों तक छत्तीसगढ़ को मजबूती देने वाला हो।
मोदी ने कहा आने वाले दशकों के लिए यहां बनने वाली नीति, नीतिकारों का केंद्र बनेगा। आज देश विरासत और विकास को लेकर चल रहा है। यही भावना सरकार की हर नीति निर्णय में होती है। नई संसद का गलियारा बताता है कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें कितनी मजबूत है। यही भावना छत्तीसगढ़ के नये विधानसभा में भी झलकती है। इसके कण-कण में वंचितों को वरीयता देकर सबका साथ सबका विकास की परिकल्पना नजर आती है। यही तो भाजपा की सुशासन की पहचान है। यही संविधान की मूल भावना है।
इस भवन में बस्तर आर्ट की झलक है, तो बाबा घासीदास के मनखे-मनखे एक समान का संदेश, सबरी की आत्मीयता। यहां की हर कुर्सी में संत कबीर का सिखाया सच्चाई, वल्लाभाचार्य का संदेश है। बस्तर के मुरिया दरबार की आदिम संस्कृति को भी विधानसभा में स्थान मिला है। इस सदन के हर कोने में जन विकास झलकता है। इसके अध्यक्ष पीठ पर रमन सिंह जैसा अनुभवी नेतृत्व है। रमन सिंह ऐसे उदाहरण हैं, जो क्रिकेट में कप्तान के साथ एक खिलाड़ी के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। ऐसे उदाहरण बहुत कम मिलते हैं। रमन सिंह कभी कैप्टन थे, आज सच्ची खेल भावना के साथ कार्यकर्ता के रूप में भी कार्य कर रहे।
राष्ट्र कवि निराला की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नव स्वर, नव गति, नव लय की तरह छत्तीसगढ़ विधानसभा उस नए स्वर का प्रतीक बने। इसी ऊर्जा के साथ ऐसे छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है जो विरासत से जुड़कर विकास करे। मोदी ने कहा नागरिक देवो भवः यह सुशासन का मंत्र हो। इसलिए यहां के हर निर्णय में जनहित सर्वोपरि हो। ऐसे कानून बने जो रिफार्म को गति दे, लोगों का जीवन आसान बनाए। सरकार के अनावश्यक प्रभाव को कम कर सके। मोदी ने कहा भारत आज आतंकी और नक्सलवाद को खत्म करने की ओर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ में भी यही भावना चारों ओर दिख रही। छत्तीसगढ़ में हुए परिवर्तन की चारों ओर चर्चा हो रही है। देश के कोने-कोने में बस्तर ओलंपिक चर्चा में है। जनता का परिश्रम, भाजपा सरकारों का सुशासन 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाएगा।
मोदी ने कहा मैं सभी से कहूंगा ऐसी व्यवस्था का निर्माण करिए जो हर राज्य को अपनाने प्ररित करे। यह भवन अपनी भव्यता से ज्यादा जनकल्याण के निर्णयों से जाना जाए। किसानों के सम्मान, युवाओं के विकास, समाज से अंत्योदय के निर्णय लें। यह भवन केवल कानून बनाने का स्थान न हो, छत्तीसगढ़ के भाग्य निर्माण का प्रखर केंद्र जीवंत इकाई बनें। हर विचार निर्णय में विकास का संकल्प हो।
मोदी के नेतृत्व में भारत अब किसी को छोड़ता नहीं-साय इस मौके पर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा मोदी देश के ऐसे नेता और प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने तीन साल में देश को 11 से 4थीं बड़ी अर्थव्यवस्था में तब्दील कर दिया है। मोदी के नेतृत्व में भारत छेड़ता नहीं है, और कोई छेड़ दें तो उसे छोड़ता भी नहीं है। साय ने कहा छत्तीसगढ़ को अटलजी ने अवश्य बनाया, लेकिन आप संवार रहे, बना रहे। आपका आशीर्वाद यूं ही बना रहे। साय ने याद दिलाया चुनाव के समय दी गई मोदी की गारंटी को इन 21-22 महीनों में पूरा करने का प्रयास किया है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि 25 वर्ष पहले आज ही के दिन अटलजी ने राज्य का निर्माण किया था। अब यह राज्य जवान हो गया है। निर्माण से विकास, विकास से विधान तक छत्तीसगढ़ को सजाने-संवारने का काम आपने किया है। यह भवन 80 प्रतिशत स्वदेशी मटेरियल से बना है। फर्नीचर बस्तर की लकड़ी से, रेती, स्टील, मजदूर सब छत्तीसगढ़ का है। एक-एक ईंट में छत्तीसगढ़ की पहचान है। डॉ. सिंह ने कहा कि नए भवन के लिए श्री मोदी ने जो मार्गदर्शन दिया है उसका पूरा पालन होगा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि इस भवन में लिए जाने वाले निर्णय से छत्तीसगढ़ की समृद्धि खुशहाली के नए आयाम स्थापित होंगे। छत्तीसगढ़ विधान हमेशा संसदीय उच्च परंपराओं को मान्यता दी भवन भी लोकतांत्रिक आदर्शों का केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम में मंच पर राज्यपाल रमन डेका. डिप्टी सीएम अरुण साव विजय शर्मा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू नेता प्रतिपक्ष ड़ा चरणदास महंत संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप और रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल मौजूद रहें ।
