छेर छेरा माई कोठी के धान ल … घर-घर पहुंचे बच्चों को मिला अन्न-खाद्य सामान छेरछेरा पर्व पर बच्चों में दिखा उत्साह
*अरन-बरन, कोदो-दरन* *जभे देबे तभे टरन…* *घर-घर में डारबो डेरा,* *सब मिलके कहिबो — छेरछेरा!* रोमेश कटकवार बलौदा, 3 जनवरी। पौष शुक्ल...
