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भगवान के शरण में जाने से सारे बंधन कट जाते है और माया में आ कर इंसान बंध जाते है… श्रीमद भागवत कथा के चतुर्थ दिवस राम चरित्र और कृष्ण जन्मोत्सव की कथा ।

बलौदा,29 अक्टूबर

 

बलौदा – नगर के हनुमान कुट्टी मंदिर में श्री हनुमान कुट्टी महिला समिति, प्रभात फेरी एवं नगरवासी के सहयोग से श्रीमदभागवत कथा में पं श्री अश्वनी कुमार अखिलेश कृष्ण शास्त्री अमलेश्वर रायपुर आचार्य जी ने आज चौथे दिवस की श्रीमद भागवत कथा का महत्व बताते हुए प्रभु राम व कृष्ण जन्म की कथा सुनाई। ब्यासपीठ से आचार्य ने कहा कि कलयुग में भागवत की कथा सुनने से जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही जन्म जन्मांतर के पापों का अंत भी होता है। राम जन्म के प्रसंग के दौरान श्रीराम विवाह प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मां सीता के विवाह के लिए हो रहे धनुष यज्ञ,वनगमन हनुमान, सुग्रीव से मिलाप सीता हरण,सीता माता की खोज हनुमान ने की, राम रावण युद्ध पश्चात राम राज्याभिषेक की कथा में भक्तों को श्री कृष्ण जन्म की कथा सुनाई। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव मे बाल रूप श्रीकृष्ण और वासुदेव की जीवंत झांकी के साथ कथा भक्तों को श्रवण कराते हुए कहा कि “सजा दो यह घर गुलशन सा हमारे सरकार आये है।” नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की” के सुमधुर संगीतमत गीतों से श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो अपने आप जेल के ताले खुल गए और वासुदेव की बेड़ियां खुल गईं। वासुदेव भगवान ने श्रीकृष्ण इस संसार के पालनहार हैं। एक टोकरी में लेकर यमुना नदी को पार कर यशोदा मां और नंदलाल के पास छोड़ जाते हैं।

भगवान का शरण में जाने से सारे बंधन कट जाते है और माया में आ कर इंसान बंध जाते है
भगवान श्रीकृष्ण ने दुष्टों का नाश करने के लिए ही धरती पर जन्म लिया था। इस धरती को अधर्म से मुक्ति दिलाई ।
भागवत कथा मे भक्त आनंदित भाव विहल कथा श्रवण करने बड़ी संख्या मे उपस्थित थे।

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