बलौदा 2 दिसंबर
एक बार फिर एक हाथी गांव के नजदीक आ पहुंचा है। कोरबा जिले के सीमा वर्ती गाँव कनकी जोगीपाली के जंगलों से सोमवार को पहुंचा। सुबह ग्रामीणों की नजर हाथियों पर पड़ी उन्होंने तत्काल इसकी सूचना सरपंच और वन विभाग के कर्मचारियों को दी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। जिससे हाथी जंगल के भीतर चले गए।
ग्रामीण इतने उत्सुक थे कि हाथियों को देखने वे जंगल तक में चले गए। लोग अलग-अलग किनारों पर बैठ कर घंटों हाथी के बाहर निकलने का इंतजार भी किया, पर वे नहीं आए। बीट गार्ड व वन विभाग टीम ग्रामीणों को हटाने का प्रयास करती रही, लेकिन उत्सुक ग्रामीण वहां डटे रहे। हाथियों ने बस्ती में प्रवेश नहीं किया। जिससे किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ। वन विभाग को संबंधित क्षेत्र के हाथी के मूवमेंट की जानकारी एक दिन पहले ही उन्हें मिल गई थी। जिसे लेकर जोगीपाली ( कनकी ) के पास हाथी घूमते देखा गया है जो की जंगल के रास्ते जांजगीर जिले के जंगल के आस पास के गांव केराकछार ,दमखांचा ,खारी, गतवा ,करमा, एवम आस पास के अन्य गांवों की तरफ जा सकता है , सभी से निवेदन है की सभी सतर्क रहे , एवम हाथी से दूरी बनाए. आसपास के गांवों में मुनादी करा दी थी। जिसके चलते ग्रामीण भी सर्तक हो गए थे। गांव के लोग यह सोचकर घबराए हुए हैं कि अगर हाथी वापस आए तो उन्हें मुश्किल हो सकती है।
सुकदेव राठिया वनपरीक्षेत्र अधिकारी बलौदा
ने बताया जिन क्षेत्रों में हाथियों का मूवमेंट हो रहा है। उन क्षेत्रों के वन विभाग की टीम मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है। ताकि किसी प्रकार की कोई दुर्घटना न हो। इसके अलावा हाथियों के मूवमेंट पर भी नजर रखी जा रही है। हाथी इसलिए जंगल के बाहर आ रहे हाथी रहवास क्षेत्रों में पर्याप्त पानी और उनके खानपान की उपयुक्त व्यवस्था नहीं होने के कारण हाथी आए दिन जंगल से बाहर आ रहे हैं। इसके अलावा मैदानी क्षेत्रों में पेड़ों की अवैध कटाई के कारण भी उनका डेरा प्रभावित हा़े रहा है।
