बलौदा-21 फरवरी
अकलतरा विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद प्रारूप-07 के कथित दुरुपयोग को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कुछ दिनों पूर्व इन्होनें तहसीलदार और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची से “वर्ग विशेष” के परिवारों के मतदाताओं के नाम सुनियोजित तरीके से विलोपित किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची की शुद्धता के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया चलाई जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत प्रारूप-07 के माध्यम से आपत्तियां दर्ज कर नाम विलोपित किए जाते हैं।
वर्ग विशेष के परिवारों के मतदाताओं का आरोप है कि अकलतरा विधानसभा क्षेत्र में इस प्रक्रिया का “सुनियोजित दुरुपयोग” किया जा रहा है।
राजनीतिक दबाव का आरोप: में कहा गया है कि भाजपा के जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में प्रारूप-07 जमा किये गये हैं बिना सत्यापन नाम विलोपित:दिनांक 14/02/2026 तक प्राप्त जानकारी के अनुसार भाग संख्या 195, 196 एवं बलौदा नगर के अन्य भागों में एक-एक आपत्तिकर्ता की शिकायत के आधार पर दर्जनों मतदाताओं के नाम बिना विधिवत जांच के काटे जाने का आरोप लगाया गया है।
इसके चलते बलौदा नगर पंचायत के
पूर्व पार्षद एल्डरमैन -रफीक कुरैशी वार्ड क्रमांक 04 नगर पंचायत बलौदा,और ड़ा अब्दुल अजीज,वार्ड क्रमांक 14 ने भाजपा के प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
कुरैशी ने कहा कि संगठन की विचारधारा एवं अनुशासन का पालन करते हुए मैंने सदैव सक्रिय भूमिका निभाई है तथा पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम, बैठक एवं संगठनात्मक दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ किया है।
जब इस विषय में संबंधित शिकायतकर्ता से जानकारी ली गई, तब उनके द्वारा भाजपा के एक पदाधिकारी का नाम उल्लेखित किया गया। यह तथ्य मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक एवं आत्मसम्मान को गहराई से आहत करने वाला है। जिस संगठन को मैंने अपना परिवार मानकर निष्वापूर्वक सेवा दी, उसी के कुछ पदाधिकारियों द्वारा मेरे लोकतांत्रिक अधिकारों पर इस प्रकार की आपत्ति दर्ज कराया जाना न केवल व्यक्तिगत रूप से बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की दृष्टि से भी अत्यंत चिंताजनक है।
मतदाता सूची में नाम होना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि किसी वर्ग विशेष को लक्षित कर सुनियोजित रूप से उनके नाम हटाने का प्रयास किया जाता है, तो यह लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है। ऐसी परिस्थितियों में मौन रहना मेरी अंतरात्मा एवं आत्मसम्मान के विरुद्ध होगा।
में राजनीति को सदैव जनसेवा एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का माध्यम मानता हूं, न कि किसी वर्ग विशेष को वंचित करने का साधन। उपरोक्त घटनाक्रम से अत्यंत आहत एवं व्यथित होकर, तथा लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए, में भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से प्रस्तुत करता हूं।
