बलौदा ,3 दिसम्बर।
सोमवार को रैनखोल से हाँथियों के झुंड से अलग हुए एक हाथी को कोरबा जिले के कनकी (जोगीपाली) पंतोरा के समीप सड़क पर विचरण करते ग्रामीणों ने देखा जिसकी सूचना स्थानीय सरपंच और वन विभाग बलौदा परीक्षत्र को दी गई ।

हाथी के जंगल मे होने की सूचना मिलते ही वन विभाग बलौदा की टीम हरकत मे आई और मौक़े पर पहुंच कर हाथी की निगरानी ,खोज बीन के साथ आसपास के ग्रामीणों को मुनादी कराकर हाथी से दूर और सतर्क रहने को कहा.

मंगलवार को रात्रि में जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा वन परीक्षेत्र के ग्राम करमा होते हुए भारत माला बिलासपुर हाटी फोरलेन को पार कर खिसोरा सर्किल के आर एफ कक्ष क्रमांक 70 ग्राम बूढ़ेना के पास हाथी का मूवमेंट देखा गया ।
आज बुधवार को वन मंडलाधिकारी चांपा के निर्देशानुसार सुबह से लगातार हाथी विचरण क्षेत्र की निगरानी के लिए वन विभाग बलौदा पंतोरा सर्किल के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मुख्य मार्ग और जंगल के पाईंट का निरीक्षण किये ,निरीक्षण के दौरान हांथी का लीद, एवं पग चिन्ह का मौका स्थल पर देखा गया एवं वर्तमान में परिसर खिसोरा के अन्तर्गत कक्ष क्रमांक 70 आर एफ में विचरण कर रहा है,जंगल वन्य प्राणी हांथी का रहवास स्थल है एक वर्ष पहले भी एक हाथी इसी क्षेत्र में 13 दिनों तक विचरण करते हुए पाली क्षेत्र के जंगल की ओर गया था.
यहां पन्तोरा ,खिसोरा सर्किल का रूट हाथियों के आने जाने चिन्हित क्षेत्र बन गया है.
इसी कारण अभी तक किसी प्रकार के कोई नुकसान या जनहानि की सूचना नही मिली है
वन परीक्षेत्र अधिकारी एस पी राठिया
ने बताया कि हाथी को जंगल में शांतिपूर्ण विचरण करने दें वन्य प्राणी हांथी को किसी प्रकार से छेड़खानी न करें, ग्रामीणों को हांथी से दूरी बनाए रखने हेतु सूझाव देते रहें ।वन मार्ग के दोनों छोर को ग्रामीणों के आने जाने को पूर्ण रूप से बंद रखा गया है।
